रैपिड फेल्योर / 159 कोरोना पॉजिटिव को बताया निगेटिव, मेडिकल कॉलेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा- सामान्य इंफेक्शन भी नहीं पकड़ पा रही किट


रैपिड टेस्ट में ब्लड निकालकर टेस्ट कार्ड में डाला जाता है। एंटीबाॅडी का बफर साेल्यूशन ब्लड पर डालते हैं। कार्ड में सिंगल लाइन आए तो रिपाेर्ट निगेटिव, डबल लाइन आए तो पाॅजिटिव। (प्रतीकात्मक तस्वीर)


चिकित्सा विभाग ने मेडिकल कॉलेज को 100 किट दिए थे व इसकी जांच कर इसके सही होने की पुष्टि करने को कहा था


रैंडम सैंपल के तौर पर 168 की जांच की गई, इनमें से केवल 5.4% की ही रिपोर्ट सही आई


जयपुरचिकित्सा विभाग ने जिस रैपिड किट सेे कोरोना संदिग्धोें की जांच शुरू की थी वह पूरी तरह फेल है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज ने मंगलवार को चिकित्सा विभाग को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि रैपिड किट सामान्य इंफेक्शन को भी नहीं पकड़ पा रही। यही नहीं पीसीआर टेस्ट में जो 159 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले थे, उसमें से भी 94.6% को निगेटिव बता दिया। हैरत की बात है कि चिकित्सा विभाग ने मेडिकल कॉलेज को 100 किट देकर इसकी जांच कर इसके सही होने की पुष्टि करने को कहा था, लेकिन रिपोर्ट आए बिना ही टेस्ट को मंजूरी दे दी। इनसे शहर में 5032 टेस्ट हो चुके हैं, इनमें से सिर्फ 36 ही पॉजिटिव मिले। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन लोगों के रैपिड टेस्ट हुए क्या सभी के पीसीआर टेस्ट कराए जाएंगे?


मेडिकल कॉलेज ने रिपोर्ट में बताई 4 कमियां



  1. जो 159 सैंपल पीसीआर में पॉजिटिव थे, उनमें से6 प्रतिशत रैपिड किट से निगेटिव आए। आरटीपीसीआर (पॉलीमर्स चेन रिएक्शन) टेस्ट से ही सार्स और कोविड-19 की पुष्टि की जा रही है।

  2. रैंडम सैंपल के लिए तौर पर 168 की जांच की। इसमें से केवल4% की ही रिपोर्ट सही आई।

  3. ब्लड टेस्ट में इम्युनोग्लोब्यूलिन के आईजीजी पुराने इंफेक्शन और आईजीएम रिसेंट इंफेक्शन को रिफ्लेक्ट करता है। हैरत की बात है कि रैपिड किट आईजीजी और आईजीएम दोनों को रिस्पांड नहीं कर रही।

  4. प्लाज्मा से भी इंफेक्शन का पता चलता है। रैपिड किट ब्लड और सीरम के वायरस भी नहीं पकड़ पाई।


 रैपिड टेस्ट किट से 10 से 15 मिनट में जांच


रैपिड टेस्ट में ब्लड निकालकर टेस्ट कार्ड में डाला जाता है। एंटीबाॅडी का बफर साेल्यूशन ब्लड पर डालते हैं। कार्ड में सिंगल लाइन आए तो रिपाेर्ट निगेटिव, डबल लाइन आए तो पाॅजिटिव। पूरी प्रक्रिया में करीब 10 से 15 मिनट का समय लगता है।


हालांकि पाॅजिटिव आने के बाद पुष्टि पीसीआर जांच से ही होती है। इसमें गले और नाक से स्वाब के सैंपल लेते हैं। रिपाेर्ट दाे से तीन दिन लगते हैं।


 


 


Popular posts
सबसे बड़ी चिंता / राजस्थान में डॉक्टर, नर्स और पुलिसकर्मी समेत 90 कोरोना वॉरियर्स संक्रमित
Image
मप्र: लॉकडाउन फेज-2 आठवां दिन / कोटा से आज दोपहर तक लौट आएंगे तीन हजार छात्र रायसेन के जिस गांव में 10 संक्रमित मिले, वहां सर्वे टीम को घुसने नहीं दिया;
Image
बिहार: लॉकडाउन फेज-2 का आठवां दिन / अब तक 126 संक्रमित, तीन दिन में मिले कोरोना के 40 नए मरीज; नालंदा-मुंगेर-बक्सर में तेजी से फैल रहा संक्रमण
Image
महाराष्ट्र: लॉकडाउन फेज-2 का सातवां दिन / राज्य में संक्रमितों की संख्या पांच हजार से ज्यादा हुई; मुंबई में क्वारैंटाइन सेंटर बनाए गए होटल में लगी आग, सभी मरीज शिफ्ट
Image
यूपी: कोरोना से 22वीं मौत / अलीगढ़ में 55 साल के संक्रमित ने दम तोड़ा, जानकारी छिपाने के आरोप में जेएन मेडिकल कॉलेज का डॉक्टर सस्पेंड; नर्सिंग होम पर एफआईआर
Image