मंगलवार को अलीगढ़ में कोरोना से पहली मौत हुई। उसकी कोई ट्रेवेल हिस्ट्री नहीं मिली है। प्रशासन ने एहतियातन उसके निवासस्थान से एक किमी परिधि क्षेत्र को सील कर दिया है।
मोहल्ला उस्मानपाड़ा का था मृतक, सांस लेने में दिक्कत होने पर खुद पहुंचा था अस्पताल
सोमवार को कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आई तब प्रशासन को दी गई सूचना
अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में मंगलवार की शाम कोरोना वायरस से संक्रमित शख्स की मौत हो गई। सोमवार को उसमें कोरोना की पुष्टि हुई थी। यह अलीगढ़ मंडल की पहली मौत है। मामले में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की लापरवाही भी सामने आई है। मेडिकल कॉलेज ने मरीज के संबंध में जिला प्रशासन को सूचना नहीं दी थी। प्रोटोकॉल फॉलो न करने के आरोप में मेडिकल कॉलेज के एक सहायक प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है। मरीज एक नर्सिंग होम भी गया था। उसने भी जानकारी प्रशासन को नहीं दी थी। नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ डीएम ने एफआईआर के आदेश दिए हैं।
रविवार को खुद अस्पताल पहुंचा था संक्रमित
कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला उस्मानपाड़ा निवासी 55 साल के व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत थी। रविवार को वह खुद जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। अस्पताल प्रशासन ने बिना प्रशासन को सूचना दिए उसे भर्ती कर लिया। जांच के लिए सैंपल लिया गया तो सोमवार को वह संक्रमित पाया गया। इसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई। लेकिन, सोमवार रात उसे दिल का दौरा पड़ा तो उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। लेकिन दोपहर बाद उसकी मौत हो गई। सीएमओ भानु प्रताप सिंह कल्याणी ने मौत की पुष्टि की है।
प्रशासन की निगरानी में होगा अंतिम संस्कार
सीएमओ ने बताया- प्रशासन की मौजूदगी में शव परिजनों को सौंपा जाएगा। प्रशासन की निगरानी में ही शव का अंतिम संस्कार होगा। कोविड-19 के नियम शर्तों के मुताबिक शव को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इसके साथ ही अब प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 22 पहुंच गया है। प्रशासन ने जब संक्रमित मृतक की ट्रेवेल हिस्ट्री का पता लगाया तो पता चला कि वह काफी दिनों से अस्थमा का मरीज था। कभी कहीं गया नहीं है। अब एक सवाल लोगों के मन में कौंध रहा है कि, आखिरकार उसे कोरोना का संक्रमण कैसे हुआ? हालांकि, प्रशासन अभी जांच के बाद ही कुछ कहने की बात कह रहा है।
डीएम ने कहा- कोविड प्रोटोकॉल का फॉलो नहीं किया गया
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि, संक्रमित व्यक्ति 19 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज में एडमिट हुआ था। लेकिन, इसकी सूचना नहीं दी गई। बाद में इसे आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। 20 अप्रैल की सुबह स्क्रीनिंग की गई तो कोरोना पॉजिटिव मिला। डीएम ने कहा- जब इस बात की जानकारी हुई तो इस पर आपत्ति जताई गई। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सहायक प्रोफेसर डॉक्टर अंजुम को सस्पेंड कर दिया है। पूरे परिवार को क्वारैंटाइन किया गया है। परिवार के एक बच्ची की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसकी दोबारा जांच के लिए सैंपल भेजा गया है।